Cryptocurrency- क्या भारत में बेन हो जाएगी क्रिप्टोकरेंसी जानिये पूरी डिटेल

Cryptocurrency- जैसे की हम आपको बताने जा रहे है के 23 नवम्बर को लोकसभा का बुलेटिन जारी हुआ है, और क्रिप्टो की मार्किट में हड़कंप मच गया है. बुलेटिन में कहा गया है के संसद सत्र में सरकार क्रिप्टोकरेंसी पर कानून लेकर आने वाली है. आपको बता दे के भारत से पहले कई देश क्रिपटोकरेंसी पर बेन लगा चुकी है. बेन लगाने वालो देश की लिस्ट में नेपाल, चीन, वियतनाम और रूस जैसे देश शामिल है. इस खबर के फैलते ही भारत में करीब 10 करोड़ क्रिप्टो इन्वेस्टर टेंशन में आ गए है. और क्रिप्टो बाजार गिरने लग गया है.

वही आपको बता दे के बिटकॉइन में 17% तक की गिरावट आ गयी है. क्रिप्टोकरेंसी के मार्किट के हिसाब से बिटकॉइन सबसे बड़ी डिजिटल करेंसी है. और इस पर बेन लगाने में नेपाल पीछे नहीं रहा है, नेपाल के केंद्रीय बैंक, नेपाल राष्ट्र बैंक ने अगस्त 2017 में ही इसे अवैध घोषित कर बेन कर दिया था. खबरों के अनुसार जैसा के हम आपको बता दे के क्रिप्टोकरेंसी ठीक वैसे ही होती है जैसे के रुपया या डॉलर होता है. बस इस करेंसी में फर्क यही होता है के यह डिजिटल होती है. इसी के तरह एक होती है प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी जिसके लेनदेन की जानकारी सार्वजनिक नहीं होती है. मतलब के उस करेंसी का मार्किट में क्या चल रहा है आप उस करेंसी का बैकग्राउंड चेक नहीं कर सकते। क्रिप्टोकरेंसी को लेकर अलग-अलग देशो में अपना ही मत है, जैसे की न्यूयॉर्क में 2016 से ही बिटलइसेंस के जरिये क्रिप्टो बेचना, खरीदना या जमा करना पूर्ण रूप से वेध है.

इसी तरीके से चीन ने सुरुवात में क्रिप्टोकरेंसी का स्वागत किया था, लेकिन बाद में यानी के जून 2021 में इस पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था. यहाँ तक की बिर्टेन में क्रिप्टोकरेंसी के लिए अभी तक कोई भी अलग कानून नहीं बना है. यहां अन्य करेंसी की तरह क्रिप्टो पर भी टैक्स वसूला जाता है, जो कंपनी कर नियमों के तहत आता है. इसके अलावा मुनाफे या घाटे को पूंजीगत लाभ कर के रूप में वर्गीकृत किया जाता है. साथ ही ज्यादातर ऐसे क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज हैं, जो भारत में रजिस्टर्ड ही नहीं है. अगर भारत सरकार कोई कानून बनाती भी है, तो हो सकता है उन पर इससे बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़े।

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